खंड 1: नींव और सुरक्षा - दवाइयाँ क्यों ज़रूरी हैं? खुद की सुरक्षा (PPE किट, पैकेट के लाल/पीले निशान) और ज़हर का तोड़ (Antidote)।
खंड 2: कीटनाशक (Insecticides) - दवा काम कैसे करती है? (सिस्टमिक, कॉन्टैक्ट, ट्रांसलैमिनार, पेट)। चूसने और चबाने वाले कीटों के लिए सही दवा।
खंड 3: फफूंदनाशक (Fungicides) - Preventive (रोग आने से पहले) और Curative (रोग आने के बाद) का विज्ञान। Resistance से बचाव।
खंड 4: खरपतवारनाशक (Herbicides) - Selective (चुनकर मारने वाले) vs Non-Selective (सब जलाने वाले)। Pre-emergence और Post-emergence।
खंड 5: दो दवाइयों को मिलाना (Tank Mixing) - W-A-L-E-S नियम और "जार टेस्ट" (Jar Test) ताकि दवा फटे (Curdling) नहीं।
खंड 6: मिट्टी की बीमारियाँ और कीट - जड़ गलन, उकठा (Wilt), दीमक और लट का इलाज (Drenching / ट्रेंचिंग)।
खंड 7: A-Z दवाइयों की डिक्शनरी - इमिडाक्लोप्रिड, मैंकोज़ेब, ग्लाइफोसेट जैसे सभी रसायनों की पूरी डिक्शनरी।
खंड 8: अन्य ज़रूरी चीजें - 'चिपको' और स्टीकर (Adjuvants) का उपयोग। टॉनिक (PGRs) और IPM।
खंड 9: जैविक रसायन (Bio-Chemicals) - मित्र फफूंद (Trichoderma) और मित्र बैक्टीरिया (Pseudomonas)। नीम (Neem) आधारित उत्पाद।
खंड 10: किसानों के आम सवाल (FAQ) - क्या एक्सपायर (Expired) दवा काम करती है? बारिश और छिड़काव का सही समय?
विशेष टिप्पणी: दवा काम कैसे करती है? (Mode of Action)
- सिस्टमिक (Systemic): जो पौधे में फैल जाए। रस चूसने वाले कीटों के लिए (जैसे- मांहू, थ्रिप्स)।
- कॉन्टैक्ट (Contact): जो छूते ही मारे। तुरंत असर (Fast Acting)।
- ट्रांसलैमिनार (Translaminar): जो पत्ती के आर-पार जाए। पत्ती के नीचे छिपे कीटों के लिए।