अध्याय 1: प्रस्तावना: लौकी की खेती ही क्यों? आधुनिक खेती में लौकी का महत्व और बाजार की मांग।
अध्याय 2: जलवायु और मिट्टी का विज्ञान - उपयुक्त तापमान और खेत की तैयारी: गहरी जुताई और बेड (मेड़) बनाने की विधि।
अध्याय 3: सही बीज का चुनाव और उपचार - हाइब्रिड बनाम देसी किस्में। 'बीजामृत' (Bijamrit) से बीज का उपचार (90%+ अंकुरण)।
अध्याय 4: आधुनिक तकनीक: मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई - जल प्रबंधन और प्लास्टिक मल्चिंग के लाभ।
अध्याय 5: मचान और स्टेकिंग विधि - बेलों को ऊपर चढ़ाने का वैज्ञानिक लाभ और 'मंडप प्रणाली'।
अध्याय 6: एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) - बेसल डोज और ड्रिप द्वारा उर्वरक देने का शेड्यूल।
अध्याय 7: 3G कटिंग: पैदावार बढ़ाने का गुप्त सूत्र - नर और मादा फूलों का संतुलन। 1G, 2G और 3G शाखाओं की कटाई-छंटाई।
अध्याय 8: फसल सुरक्षा (कीट एवं रोग नियंत्रण) - फल मक्खी, लाल भृंग (Red Beetle) और चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) का इलाज।
अध्याय 9: वृद्धि नियामक और टॉनिक - फूलों को झड़ने से रोकना और सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) का छिड़काव।
अध्याय 10: तुड़वाई और बाजार रणनीति - फलों की सही अवस्था पर तुड़वाई, ग्रेडिंग, और पैकिंग।
विशेष टिप्पणी: पैदावार बढ़ाने का गुप्त सूत्र (3G कटिंग)
- 1G Branch: मुख्य शाखा। कटाई करें ताकि 2G शाखाएं निकलें।
- 2G Branch: द्वितीयक शाखा। इसकी भी छंटाई करें।
- 3G Branch: तृतीयक शाखा। सबसे अधिक मादा (फलने वाले) फूल यहीं आते हैं।