अध्याय 1: बैंगन की खेती - एक परिचय (महत्व, इतिहास, और बाजार में मांग)।
अध्याय 2: जलवायु और भूमि का चुनाव - उपयुक्त तापमान और मिट्टी के pH स्तर का विज्ञान।
अध्याय 3: उन्नत किस्में और बीज का चयन - हाइब्रिड और देसी किस्में, बीज उपचार (Seed Treatment) की विधि।
अध्याय 4: आधुनिक नर्सरी (पौध) प्रबंधन - प्रो-ट्रे नर्सरी और मिट्टी-रहित मीडिया का उपयोग।
अध्याय 5: एडवांस तकनीक: बैंगन में ग्राफ्टिंग (Grafting) - जंगली रूटस्टॉक द्वारा उकठा रोग से बचाव।
अध्याय 6: खेत की तैयारी, मल्चिंग और रोपाई - मल्चिंग के फायदे और रोपाई का सही समय।
अध्याय 7: सिंचाई और ड्रिप तकनीक - जलभराव से बचाव और ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) के फायदे।
अध्याय 8: पोषण और उर्वरक प्रबंधन - फर्टिगेशन (Fertigation) और सूक्ष्म पोषक तत्वों का विज्ञान।
अध्याय 9: खरपतवार (Weed) प्रबंधन - मल्चिंग और निराई-गुड़ाई से नियंत्रण।
अध्याय 10: प्रमुख कीट एवं रोग प्रबंधन - तना व फल छेदक, झुलसा (Blight) और सफेद मक्खी का अचूक इलाज।
अध्याय 11: तुड़ाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग - फलों का सही आकार और आकर्षक रंग देखकर तुड़ाई करना।
अध्याय 12: लागत, मुनाफा और एक्सपर्ट की सलाह - असफलता से बचने के मूल मंत्र।
विशेष टिप्पणी: एडवांस ग्राफ्टिंग (Grafting) तकनीक
- एक उत्कृष्ट फल देने वाले पौधे (Scion) के तने को एक रोग-प्रतिरोधी पौधे की जड़ (Rootstock) से जोड़ने की कला।
- जंगली बैंगन का रूटस्टॉक के रूप में उपयोग जड़ों को मजबूत बनाता है।
- निमाटोड (Nematode) और उकठा (Wilt) रोग से 100% सुरक्षा मिलती है।